आध्यात्मिक राष्ट्रवाद सदस्य

सोमवार, 15 मार्च 2010

वह शक्ति हमें दो दयानिधे

वह शक्ति हमें दो दयानिधे
कर्त्तव्य मार्ग पर डट जाएँ
पर सेवा पर उपकार में हम
निज जीवन सफल बना जाएँ
वह शक्ति हमें दो दयानिधे
कर्त्तव्य मार्ग पर डट जाएँ
हम दीन दुखी निर्बलों विकलों
के सेवक बन संताप हरें
जो हैं अटके, भूले भटके
उनको तारें खुद तर जाएँ
वह शक्ति हमें दो दयानिधे
कर्त्तव्य मार्ग पर डट जाएँ
छल द्वेष दंभ पाखण्ड झूठ
अन्याय से निसी दिन दूर रहें
जीवन हो शुद्ध सरल अपना
सुचि प्रेम सुधा रस बरसायें
वह शक्ति हमें दो दयानिधे
कर्त्तव्य मार्ग पर डट जाएँ
पर सेवा पर उपकार में हम
निज जीवन सफल बना जाएँ
निज आन मान मर्यादा का
प्रभु ध्यान रहे अभिमान रहे
जिस देश जाति में जन्म लिया
बलिदान उसी पर हो जाएँ
वह शक्ति हमें दो दयानिधे
कर्त्तव्य मार्ग पर डट जाएँ
पर सेवा पर उपकार में हम
निज जीवन सफल बना जाएँ
वह शक्ति हमें दो दयानिधे
कर्त्तव्य मार्ग पर डट जाएँ

2 टिप्‍पणियां:

  1. iss lokpriya prarthna ke rachayita ka naam bataaye. ati kripa hogi....

    ashok s. raghuvanshi
    faizabad

    ashoksr777@gmail.com

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  2. This Prayer is reported to have been written by the Great Revolutionary Pt. Ram Prasad 'Bismil'.
    As per notes given on the Page No. 154 of the Research Book in 3 Volumes titled "Swadhinta Sangram Ke Krantikari Sahitya Ka Itihas" (Part-1) which is available in the Library of Patanjali Yogpeeth Haridwar any body can go there and see the related references from the cited book.

    उत्तर देंहटाएं

अभी और बहुत-सी महान उपलब्धियां और विजयोत्सव हमारी प्रतीक्षा में हैं