आध्यात्मिक राष्ट्रवाद सदस्य

मंगलवार, 23 मार्च 2010

आखिर ये गरीबी चीज क्या है ?


आखिर ये गरीबी चीज क्या है ?

गरीबी एक ऐसी चीज है जो आदमी कभी अपने लिए नहीं चाहता और ना ही अपने अपनों के लिए चाहता है | अब क्या कहूं कुछ लोगों को तो यह शीर्षक पसंद ही नहीं आएगा, और कोई देशप्रेमी, सामाजिक आदमी अगर पढ़ भी ले तो कम से कम किसी और से तो इस विषय पर चर्चा नहीं करेगा और कर भी ले तो यह संकल्प तो कभी भी नहीं करेगा की मैं इस गरीबी नाम की चीज को अब इस बाजार में कम से कम भारतीय बाजार में तो बिकने नहीं दूंगा, क्योंकि ये शब्द ही इतना भयानक है कि, कोई इसका नाम भी लेना नहीं चाहेगा, लेना भी क्यों चाहेगा, पनौती है सर पड़ गई तो |

सोचिये जिस चीज का हम नाम भी लेना नहीं चाहते वह बाजार में धडल्ले से बिक रही है, हमारे आस-पास के बाजार में |

लेकिन आप अब तक क्या समझे, बिल्कुल ठीक समझ रहें हैं गरीबी एक वस्तु है, जो कोई खरीदना नहीं चाहता, फिर भी बिकती है, इसका मार्केट तो बहुत बड़ा है, बहुत ही बड़ा है इतना बड़ा की पूरा भारत ही इसकी गिरफ्त में है,वैश्वीकरण के प्रयास निरंतर जारी हैं | इस वस्तु का सबसे बड़ा बाजार विकासशील देश हैं, और उन देशों का मुखिया है भारत |

गरीबी एक भौतिक वस्तु है जो बहुत सी वस्तुओं के उत्पादन में प्राथमिक वस्तु होती है, ये वस्तुएं है, कुपोषण, रोग, निरक्षरता, असमानता और भी बहुत कुछ | इसमें कोई संदेह नहीं की कोई भी इसे लेना नहीं चाहता तो फिर यह बिकती कैसे है, यह तो बहुत बड़ा प्रश्न है की गरीबी बिकती कैसे है ! यदि आपको पता है तो लिखियेगा जरूर !

नहीं तो प्रतीक्षा करें !

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5 टिप्‍पणियां:

  1. आखिर ये गरीबी चीज क्या है ?

    वह बाजार में धडल्ले से बिक रही है

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  2. आखिर ये गरीबी चीज क्या है ?

    वह बाजार में धडल्ले से बिक रही है

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  3. मेरा धर्म मेरा देश जी आपने अपनी अमूल्य भावनाओं से मुझे अवगत कराने का धन्यवाद पर कृपया क्या आप ये समझाने का कष्ट करेंगे की मैने अपना धर्म की प्रकार त्याग दिया है

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अभी और बहुत-सी महान उपलब्धियां और विजयोत्सव हमारी प्रतीक्षा में हैं