आध्यात्मिक राष्ट्रवाद सदस्य

रविवार, 10 अक्तूबर 2010

यदि देशभक्ति पाप है तो, मैं जानता हूँ...

यदि देशभक्ति पाप है तो  मैं  जानता हूँ, मैंने पाप किया है ! यदि प्रशंसनीय है तो मैं अपने आपको उस प्रशंसा का अधिकारी समझता हूँ ! मुझे विश्वास है की मनुष्यों के द्वारा स्थापित न्यायालय के ऊपर कोई न्यायायल हो तो उसमें मेरे काम को अपराध नहीं समझा जाएगा ! मैंने देश और जाति की भलाई के लिए यह काम किया ! मैंने उस व्यक्ति पर गोली चली जिसकी नीतियों के कारण हिन्दुओं पर घोर संकट आये और हिन्दू नष्ट हुए !!

         नथुराम गोडसे

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