आध्यात्मिक राष्ट्रवाद सदस्य

शनिवार, 26 फ़रवरी 2011

क्योंकि स्वामी रामदेव ही अकेले देशभक्त नहीं है


कांग्रेस सांसद ने  बाबा रामदेव को ब्लडी इंडियन कहा, उसके बाद कांग्रेस नेता दिगि्वजय सिंह ने कहा की स्वामी रामदेव ही अकेले देशभक्त नहीं है !
वैसे तो ब्लडी इंडियन की ये कहानी नई नहीं है, इससे पहले भी दक्षिण अफ्रीका में अंग्रेजों ने गाँधी जी को इसी नाम से संबोधित किया था, फिर क्या हुआ बताने की जरूरत नहीं है - बोरिया बिस्तर समेटना पड़ गया उनको !
ये सब कुछ ठीक उस वक्त हुआ जब बाबा रामदेव रामलीला मैदान में 27 फ़रवरी (रविवार) 2011 को भ्रष्टाचार के खिलाफ महा रैली (महा जनसभा) का ऐलान कर चुके थे !

27 फ़रवरी (रविवार) २०११ को भारत और इंग्लॅण्ड का मैच है ! मैच दिन और रात का है और 2:30 बजे से प्रारंभ होगा !


महारैली का समय है 12:00 बजे दोपहर का .
ऐसे में इसका सीधा लाभ मिलेगा कोंग्रेस और भ्रष्ट सरकार को !

मैच से तो भारत का कुछ भला नहीं होगा परन्तु जनसभा से भला जरूर होगा !
तो फिर आप इस रविवार भारत और इंग्लॅण्ड का मैच मत देखिएगा और जनसभा में आइएगा (यदि आप दिल्ली या आस-पास के निवासी हैं) 

अपने अहम और मनोरंज का छोटा सा त्याग तो आप देश के लिए कर ही सकते हैं !!
भ्रष्ट सरकार तिलमिला चुकी है, बस थोड़ी सी और तिलमिलाहट और सरकार का असली रंग पूर्णत: हमारे समक्ष होगा !

बता दीजिये कांग्रेस को, भ्रष्ट सरकार को और कांग्रेस नेता दिगि्वजय सिंह को स्वामीजी (बाबा जी) ही अकेले देशभक्त नहीं है , हम सब भी देशभक्त है !
सिद्ध कीजिये अपनी देश भक्ति ! 27 फ़रवरी (रविवार) 2011 को भ्रष्टाचार के खिलाफ महा रैली (महा जनसभा) में जरूर आयें !!

भारत की समस्त समस्याओं के मूल में है भ्रष्टाचार  !!!

किसी प्रकार के अफवाहों पर ध्यान न दीजिये और समाचार पत्रों के निम्नलिखित लेख पढ़िए - 


रामदेव के बाबा बनने की पूरी कहानी


18 टिप्‍पणियां:

  1. देश के कानून के लिये सब बराबर हैं । उनकी सम्पति की भी जाँच होनी चाहिये आखिर 12 साल मे 12हजार करोड कम नही ये दान कहाँ से आया जांच होनी चाहिये। सत्ता पर काबिज होने वाले लोग इसमे तो शामिल नही? बाबा संत का चोला पहन कर अपने पथ से भटक गये हैं। बेशक काला धन वापिस आना चाहिये भ्रष्ट नेताओं पर कार्यवाई होनी चाहिये लेकिन संत बन कर सत्ता मे शरीक होना कुछ जचा नही। उनकी सम्पति देख कर नही लगता कि सरी कमाई असली है फिर उनके दुआरा बेचे जाने वाले प्रोदक कितने महंगे है गरीब को सिवा योग के उनुस धन मे से क्या दे रहे हैं? इस लिये हिसाब तो उनका भी होना चाहिये। आज तक उनकी प्रबल समर्थक थी लेकिन पता नही क्यों बापू आसा राम याद आ गये। इन चोलों के पीछे का सच सामने आना जरूरी है। तभी जनता का पूरा विश्वास जीत सकेंगे। धन्यवाद।

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  2. अंग्रेजी हकुमत के दौरान देश को गाँधी जी कि जरूरत थी, और आज कांग्रेसी हकुमत के दौरान बाबा राम देव जैसे लोगो कि सख्त जरुरत हैं.

    आज भारतीय सरकार का चेहरा इतना बिगाड़ चूका हैं कि उसको पहचान पाना मुश्किल हो रहा हैं. जब मुखिया ही चोर हो तो घर के बाकि सदस्यों से ईमानदारी कि उम्मीद कंहा कि जा सकती हैं. आज कि तारीख में नेतागिरी करना एक व्यसाय बन गया हैं, और तरक्की तब मिल जाती हैं जब कोई मंत्री पड मिल जाये. आज कि तारीख में नेतावो और मंत्रियों के पास जितना काला धन हैं उतना धन तो किसी बड़े उद्योगपति के पास सफ़ेद रूप में भी नहीं हो सकता.

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  3. .

    आपकी अपील पर अमल होगा.
    काले धन के खिलाफ
    मेकाले मन के खिलाफ
    केवल रामदेव ही नहीं
    उनके कार्यों के प्रशंसक भी हैं.

    .

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  4. आपको क्या लगता है की ये रामदेव ही कोई अलग तरह का नेता होगा ?
    जो विदेश मे अपना टापू खरीद सकता है, वो भला देश के बारे मे क्या सोचेगा ?

    और वैसे भी ये इंडिया है जहा सिर्फ दो चीजे बिकती है -
    सेक्स और क्रिकेट
    *********************************************************
    अगर संभव हो तो इस टिप्पणी को जरूर प्रकाशित करे

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  5. करोड़ों की संपत्ति है बाबा रामदेव के पासबाबा रामदेव के आश्रमों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हरिद्वार से दस किलोमीटर की दूरी पर मौजूद आश्रम के अलावा हरियाणा में अरावली की पहाड़ियों के नजदीक और स्कॉटलैंड में रामदेव के आश्रम बन चुके हैं। उनका ट्रस्ट दुनियाभर में दवाइयां और 'स्वास्थ्य को बेहतर बनाने वाले' कई उत्पाद बेचता है।

    अगर रामदेव देश का इतना ही भला चाहता है तो इन दवाओ को बेचता क्यो है , मुफ्त मे बाटें ।

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  6. बाबा ने 21वीं सदी में देश में योग को नई पहचान दिलाई और घर घर में लोकप्रिय बनाया।टीवी के विभिन्न चैनलों ने उनकी लोकप्रियता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सत्ता के गलियारों में पैठ रखने वाले बड़े लोग उनके संपर्क में आए।

    शायद इसीलिए बाबा ने सोचा की खुद भी इन लोगो की तरह नेता बन जाना चाहिए , फिर कोई पूछने वाला नहीं होगा इस अपर संपत्ति के बारे मे

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  7. क्या आपको लगता है कि काले धन के खिलाफ आवाज उठाने वाले बाबा रामदेव की संपत्ति की भी जांच होनी चाहिए?
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    जी हाँ अगर रामदेव इतने ही स्वच्छ है तो उन्हे क्या आपत्ति हो सकती है इस धन की जांच करवाने मे-
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    क्या राजनीतिक दल बाबा रामदेव की राजनीतिक महत्वकांक्षाओं से डर गए हैं और उन्हें आगे बढ़ने से रोकना चाहते हैं?
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  8. ये हिंदुस्तान है प्यारे , यहा पर लोग खाते किसी का है और गाते किसी का है,
    अगर रामदेव को लगता है की योग के दम पर वो इस देश की सत्ता हासिल कर सकते है तो ये उनका भ्रम है जो आने वाले चुनावो मे टूट जाएगा ........

    **************************************************
    अगर आपको लगता है की ये टिप्पणिया बेनामी नाम से आई है तो मिटा दी जाएंगी , तो ये लीजिये मेरी अंतिम टिप्पणी मेरे नाम के साथ है

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  9. मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है अच्छा लिखा है आपने

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  10. @@@ प्रतुल वशिष्ठ और Tarkeshwar Giri जी मेरे वाक्यों का मर्म समझने के लिए धन्यवाद !!

    @@@ निर्मला कपिला और बंटी "द मास्टर स्ट्रोक" जी
    मेरे इलाके के कांग्रेश विधायक के पास इतना पैसा है की वो अपनी बहन को दो करोड़ की कार देता है और पूरे इलाके को शानदार पार्टी! कहाँ से आया पैसा क्या जांच नहीं चाहिए - पर कौन करेगा ! यदि मैं ही आवाज़ उठाऊंगा तो कहा जाएगा की आज से दस साल पहले तो आप दिल्ली में किराये के मकान में रहते थे - आज अपना घर कैसे बना लिया जांच की जायेगी -

    @@@@ जी हाँ अगर रामदेव इतने ही स्वच्छ है तो उन्हे क्या आपत्ति हो सकती है इस धन की जांच करवाने मे
    १. वैसे भी स्वामी जी का कहना है कि - पतंजलि की देश में और विदेशों में भी जितनी भी सम्पत्ति है मैं उसका पूरा ब्यौरा देने को तैयार हूं।

    @@@ अगर रामदेव देश का इतना ही भला चाहता है तो इन दवाओ को बेचता क्यो है , मुफ्त मे बाटें ।
    २. साहब जी अगर आप और आपके जैसे विचारों वाले हर महीने हजार रूपये का दान दें तो ऐसा किया जा सकता है ! क्या आप दान देंगे?

    @@@@ ये हिंदुस्तान है प्यारे , यहा पर लोग खाते किसी का है और गाते किसी का है!!
    ३.यह बात समझने के लिए आप की उपरोक्त कमेन्ट ही काफी हैं

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  11. .

    पंकज जी आपने कमाल का प्रतिउत्तर दिया है. लाजवाब.
    'बेनामी' मानसिकता वालों को शर्मिन्दा कर देने वाले तर्क.

    .

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  12. Two glimpses of present leadership -
    1. On 30th Jan, 2011, common men women and children were asked to march shouting slogans to reach Jantar mantar, while the all modern leaders (Arvind, Kiran, ...) reached the destination by their cars through alternate routes.
    2. Young leaders of India against corruption are organizing 'fast unto death' by 87 year old Anna Hazare, but not offering themselves to the 'fast unto death'.
    I am not a congressman and affiliated to India against corruption but pained. I shall be on fast unto death' against corruption at jantar mantar from 5th April, 2011 in place of or alongwith respected Anna.

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  13. @@@ राम बंसल/Ram Bansal जी हम आपके साथ हैं

    @@ प्रतुल जी धन्यवाद !!!

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  14. I just want to ask a simple question that if Baba really wants to do something for the country, then why nothing for poor people? Baba's medicine's prices are very high it is out of reach from a poor people. From last few years, he gives very little time for his ashram. Oh yes, How he can give time, maximum times he passes away in foreign countries or with political parties. Is this the ultimate aim of baba? Where is his promishes to make a healthy India? how his property comes? there are lot of questions like that. I am waiting for my answers, because this is a question of every common Indian.

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  15. सादर नमस्ते ....
    उक्त बातों से यह तो स्पष्ट है कि हम लोग कही न कहीं इस देश के बारे में सोचते हैं जिसे हिन्दुस्तान,इंडिया,भारत या फिर कुछ भी कहने की स्वतंत्रता है। उपरोक्त पोस्ट बाबा रामदेव पर केंद्रित है जहां उनके उपर लगे आरोप को सही या गलत ठहताते हुए बात कही गई है ... एक बात तो स्पष्ट है कि बाबा रामदेव ने जिस प्रकार योग-साधना को भारतीय संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में रखा है यह वास्तव में समाज के लिए लाभकारी व व्यक्ति के लिए जागृति का काम करता है ... चाहे वो अपना प्यारा देश हो या विदेश हो किसी भी जगह इस संस्कृति को अगर अपनाया जाएगा तो उसे लाभ ही होगा।
    और अगर देश के बाहर अपनी संस्कृति पहुंच रही है तो इसमें अपना ही नाम और सम्मान होगा। सवाल यह है कि जब देश के बाहर या अंदर किसी प्रकार की गतिविधि को सार्थक रूप देना है तो उसके लिए संसाधन की जरूरत पड़ती है। जो विदेशी बैंकों में धन जमा करने से नहीं हो सकता। उसके लिए कहीं न कहीं कम पैसों में काम करने के लिए किराये के मकान से अच्छा खुद के मकान खरीदना मेरे समझ से ज्यादा अच्छा है। वैसे भी जब आपमें सन्यासी बनने की ताकत नहीं है .. आप साइकिल पर नहीं घूम सकते ,आप पैदल चलने को तैयार नहीं हैं, आप सुबह उठने को तैयार नहीं हैं, एयर कंडिशन व रजाई में दुबके रहना चाहते हैं तो ऐसे ही हर रामदेब को आगे आना पड़ता है अपने संसाधन जुटाने पड़ते हैं,, मेहनत करनी पड़ती है सुबह उठना पड़ता है.. योग सिखाना पड़ता है निरंतर अध्ययनरत रहना पड़ता है। और यह सब करते करते उसे समाज का विश्वास प्राप्त होता है .. जाहिर सी बात है अब भी हमारे उपर ही है उसे कैसे रास्ता दिखाना है ... वैसे शायद मेरे ख्याल से इंसान सही है बांकि भगवान मालिक है.. पहले अपने आप को सुधारने की जरूरत है ... देखो फिर जो विचार आये वही सही होगा।
    मैं तो यही समझता हूं बाकि आपलोग भी समझदार हैं... काला धन तो वापस होना ही चाहिए वो चाहे बाबारामदेव के पास हो,कांग्रेस के पास हो या फिर आपके पास हो ।...

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  16. आप को होली की हार्दिक शुभकामनाएं । ठाकुरजी श्रीराधामुकुंदबिहारी आप के जीवन में अपनी कृपा का रंग हमेशा बरसाते रहें।

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  17. ब्लॉग जगत में पहली बार एक ऐसा सामुदायिक ब्लॉग जो भारत के स्वाभिमान और हिन्दू स्वाभिमान को संकल्पित है, जो देशभक्त मुसलमानों का सम्मान करता है, पर बाबर और लादेन द्वारा रचित इस्लाम की हिंसा का खुलकर विरोध करता है. साथ ही धर्मनिरपेक्षता के नाम पर कायरता दिखाने वाले हिन्दुओ का भी विरोध करता है.
    आप भी बन सकते इस ब्लॉग के लेखक बस आपके अन्दर सच लिखने का हौसला होना चाहिए.
    समय मिले तो इस ब्लॉग को देखकर अपने विचार अवश्य दे
    .
    जानिए क्या है धर्मनिरपेक्षता
    हल्ला बोल के नियम व् शर्तें

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अभी और बहुत-सी महान उपलब्धियां और विजयोत्सव हमारी प्रतीक्षा में हैं