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बुधवार, 20 जुलाई 2011

Government of India's Yoga - आप तैयार हो जाईये भारत सरकार द्वारा योग सीखने के लिए

सरकार ने आयुष को दिया रामदेव की काट खोजने का लक्ष्य....

 रामदेव संकट में फंसी सरकार  को अब होश आया है कि योग क्या चीज है। वह समझ गई है कि वह योग के प्रचार प्रसार पर ध्यान देती तो बाबा रामदेव, योग के बलबूते पर सरकार की ऐसी हालत न कर पाते । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आयुष को योग के कार्यक्रमों को जोर-शोर से लागू करने का निर्देश दिया है। 12वीं पंचवर्षीय योजना में वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति के विभाग आयुष (आयुर्वेद, योगा, यूनानी, सिद्धा और होमियोपैथी) को मिलने वाले धन का बड़ा हिस्सा योग के प्रचार प्रसार में खर्च किया जाएगा। आयुष को सरकार की ओर से पहला लक्ष्य मिला है रामदेव की काट खोजना। इसका मतलब रामदेव और पतंजलि योग बंद और सरकारी योग प्रारंभ !

वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति के विभाग आयुष के एक आला अधिकारी ने कहा कि रामलीला मैदान के बवाल के बाद विभाग में रामदेव की काट ढूंढने की कवायद शुरू हो गई है। उधमपुर के मानटलाई में इंटरनेशनल योग केंद्र खोलने की योजना पर भी गंभीरता से विचार शुरू हो गया है। ऐसा योग संस्थान जो पंतजली योग संस्थान को भी मात करेगा। अचानक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद की इसमें रूचि बढ़ गई है। यहां कभी चर्चित योग गुरू धीरेंद्र ब्रह्मचारी का योग संस्थान हुआ करता था, जो उनके मरने के बाद उजाड़ हो गया। दिल्ली स्थित मोरारजी देसाई सेंट्रल इंस्टीट्यूट के जरिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत अगले दो साल में देश के 300 जिलों में स्वामी 'विवेकानंद वेलनेस योगा सेंटरÓ काम करने लगेंगे। हाल ही में सरकार की एक उच्चस्तरीय बैठक में यह तय हुआ है। सौ जिलों में यह केंद्र खुल चुका है।

हर केंद्र को सालाना 3.9 लाख रूपए दिए जा रहे हैं, लेकिन यह राशि जल्द ही बढऩे वाली है। देश में चार जगह अत्याधुनिक योग थेरेपी एवं रिसर्च सेंटर खुले हैं। ये केंद्र गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी, बेंगलुरू के निमहैंस, पुड्डुचेरी के जिपमर एवं दिल्ली में डीआरडीओ के तहत खोले गए हैं। सीजीएचएस के तहत रोगों से बचाव के लिए केंद्र खोले जाएंगे। 

रामदेव संकट के बाद यूपीए 2 के नीति नियंताओं को योग की ताकत का अच्छी तरह से एहसास हो गया है। 12वीं पंचवर्षीय योजना में योग को प्राथमिकता मिलनी तय है। इस नजरिए से देखें तो रामदेव का अनशन योग के प्रचार प्रसार के लिहाज से शुभ ही है। जिन्हें रामदेव के योग शिविर में जाने की कूवत नहीं है, उन्हें सरकारी योग केंद्रों में योग का मुफ्त लाभ मिलने की व्यवस्था हो जाए, इससे बेहतर क्या हो सकता है।

तो अब समस्या क्या है ????

इसके लिए क्या सरकार स्वयंसेवक संघ बनाएगी या सरकारी योग शिक्षक रखें जायेंगें ? यदि सरकार स्वयंसेवक रखे तो लालची राजनितिक चाटुकार ही उसे मिलेंगे, वैसे भी ऐसा मुश्किल ही है ! सरकारी योग शिक्षक कितने काम के होंगे ये भी देखने की बात है ! 

न तो हम जैसे भारत स्वाभिमान के कार्यकर्त्ता सरकार को मिलेंगे और न ही सरकार का कोई सर्वोच्च (जैसे प्रधानमंत्री) ही बाबा की तरह योग कर पायेगा, ऊपर से सरकारी माल और जनता बेहाल ! वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आयुष विभाग में योग संस्थानों के कर्ताधर्ताओं को देखें तो उन पर चढ़ी चर्बी साफ दिख जाएगी। उनमें कुछ के पेट भी निकले हुए हैं। अब तक योग को लेकर केंद्र सरकार 'शवासनÓ की अवस्था में रही है। 

फिर सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था और डाक्टरों और कर्मचारियों की हड़ताल बताने या छुपाने की जरूरत नहीं है !

क्या कुछ ऐसी ही सूरत सरकारी योग केन्द्रों की भी होगी ?

जो भी हो आप तैयार हो जाईये सीखने के लिए - भारत सरकार द्वारा योग (Yoga by Government of India) 

1 टिप्पणी:

अभी और बहुत-सी महान उपलब्धियां और विजयोत्सव हमारी प्रतीक्षा में हैं